श्रीस्वर्णदुर्गा कैलाशपति मन्दिर

Content on this page requires a newer version of Adobe Flash Player.

Get Adobe Flash player

Content on this page requires a newer version of Adobe Flash Player.

Get Adobe Flash player

 

मंदिर के बारे में

श्रीस्वर्णदुर्गा कैलाशपति मन्दिर सम्पूर्णश्रीयंत्र शिखरयुक्त मन्दिर है । यह मन्दिर राजस्थान की राजधानी जयपुर से दक्षिण में 140 किमी की दूरी राष्ट्रीय राजमार्ग 12 बाईपास कोटा रोड़ द्वारिका नगरी टोंक राजस्थान में स्थापित है । यहां पर पहुचने के लिए जयपुर कोटा अजमेर से बसों की सुविधा 24 घण्टे है । इस मन्दिर में रेलमार्ग से पहुचने के लिए तीस किमी की दूरी वनस्थली-निवाई रेल्वे स्टेशन है । इसमन्दिर में काला पत्थर की अष्टभुजा वाली श्रीस्वर्णदुर्गा माता की मूर्ति स्थापित है । अत्यंत रमणीक शिल्पीग्राम

महाबलिपुरम(मद्रास) के समुद्र किनारें इस मूर्ति का निर्माण किया गया । इस मूर्ति को रेलमार्ग द्वारा मद्रास से जयपुर व लारी से टोंक लाया गया । मन्दिर का नक्षा वास्तुविशेषज्ञ श्रीकुमार(तमिलनाड़ु) द्वारा बनाया गया । मन्दिर में मातारानी के अलावा कैलाशपति महादेव,नवग्रह एंव भैरव जी महाराज स्थापित है । मन्दिर की स्थापना 11 फरवरी 2008 प्रातः 9 बजकर 16 मिनट पर पं. बृजमोहन शास्त्री के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोचार द्वारा विधिविधान से की गई । इस मन्दिर का निर्माण श्रीमती विमला शर्मा धर्मपत्नि श्री मोती शंकर तिवाड़ी द्बारा करवाया गया !