श्रीस्वर्णदुर्गा कैलाशपति मन्दिर

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मन्दिर में होने वाली पूजा और सेवा

1 . प्रतिअष्टमी स्वर्णदुर्गा का पंचामृत अभिषेंक
2 . संकटचतुर्थी चण्ड़ीहवन
3 . पूर्णिमा - सत्यनारायण कथा
4 . मंगलवार शनिवार को हनुमान जी की आक पूजा

नित्य पूजाऐं :-

सुप्रभात सेवा (मंगला आरती)- श्रीचक्र अभिषेंक, श्रीललितासहस्रनाम कुंमकुंम अर्चना, दुर्गाअष्टोत्तर अर्चना, श्रृंगार आरती, चण्ड़ी सप्तशती पारायण, रूद्वाभिषेंक, नवग्रह पूजा, भैरव पूजा, हनुमान पूजा , भोग आरती, सांयकालीन आरती(सूर्यास्त के बाद),शय नआरती रात्रि साढे 8 बजे